Feature फ़ोन में बिना data के काम करेगा आरोग्य सेतु app




भारत सरकार के द्वारा लॉन्च की गई आरोग्य सेतु app एक प्रसंशनीय कदम है जो हमे कोरोना वायरस के आँकड़े से update रखती है तथा हमारे द्वारा input की गई data के आधार पर हमारी security सुनिश्चित करती है । पर इस app से उन लोगों को फायदा होगा जिनके पास स्मार्टफोन हो और  data भी हो। साथ ही साथ पढ़ा लिखा भी हो। हमारे देश मे ऐसे करोड़ों लोग है जिसके पास स्मार्ट फ़ोन तो है पर उन्हें पढ़ना लिखना नही आता । कुछ पढे लिखे लोग भी इसे use करना नही चाहते  क्योंकि वे नही चाहते कि सरकार उन्हें ट्रैक करे । उनके गतिविधियों पर 24x7 घंटे नजर रखे। बाकी बचे  लोग जिनके पास स्मार्टफोन तो नही होते पर एक simple phone होते हैं चाहे वे जूता बनाने वाला मोची हो या किसी गाँव का गरीब किसान। ऐसे लोग पढ़े लिखे भी नही होते है। तो ऐसे लोगों को क्या आरोग्य सेतु app मदद कर पायेगा । जी नही।  सच कहें तो वैसे लोगों को ही कोरोना की सही जनकारी की अधिक जरूरत है कि कोरोना क्या है , कैसे फैलता है,कैसे बचें। इन समुदाय के लोगों में कोरोना के बारे में अफवाहों का  बाजार लगा  रहता है । चाहे वे  अशिक्षित  हो या गरीब,महिला हो या पुरुष । ऐसे लोगों को कोरोना की सही जानकारी होना ज्यादा जरूरी है । जैसे आज तक पर काम कर रहे रोहित सरदाना आरोग्य सेतु app download नही भी करते है  तो चलेगा क्योंकि वे इतने सक्षम है कि आँकड़े कहि न कही से जुटा लेंगे और किसी फैल रही अफवाह से भी अपने को बचा लेंगे पर उसके बारे मे क्या जो किसी गाँव की एक अशिक्षित  गरीब महिला है जिसके बच्चे को सामान्य खाँसी है पर वो  इस अफवाह में जी रही है कि कहीं मेरे बच्चे को कोरोना  तो नही हो गया है और  इस लिए कई दिनों से डर से सो भी नही पा रही है। इस लोकडाउन के वक्त में जानकारी लेने के लिए उसके पास माध्यम है तो सिर्फ एक 500 रुपये का simple फ़ोन   पर वो फ़ोन करे तो किसको करे क्योंकि उनके contact list नंबर तो उनके ही जैसे लोगों के है। ऐसा लोगों को अफवाह से बचाने और उसके सवालों के जवाब देने के लिए सरकार को mobile doctor programme लॉन्च करना चाहिए । यह दो चरण में काम करेगा । पहले चरण में caller को mobile guide करेगा जो कि fully researched एक pre-recorded robotic audio होगा । दूसरा चरण में सरकार  द्वारा नियुक्त की गई health expert टीम। अब आप सोच रहे होंगे कि जब expert टीम है तो फिर mobile voice की क्या जरूरत। इस सवाल का जवाब मैं आपसे पूछता हूँ कि यदि आपको  आम खाँसी सर्दी के लक्षण दिख रहा हो और  आपके पास दो options है अपने doubt को clear करने के लिए
1. गूगल करें
2. सरकारी मेडिकल expert टीम को call करें
  मुझे लगता है कि आप first ऑप्शन को चुनेंगे क्योंकि आप नही चाहेंगे कि मुझे मेडिकल टीम अपने ambulance में उठाकर लेकर चले जाएं जबकि आप जानते है कि मुझे कोरोना नही है बस मैं यू ही थोड़ा संदेह को दूर करने के लिए किया था।
     जब आपके मन मे थोड़ा झिझक है तो सोचिये कम पढ़े लिखे लोगों के मन मे तो और सरकार के प्रति उल्टा पुल्टा विचार रहता है।
   अब mobile doctor काम कैसे करेगा । यह काम करेगा telecom कंपनियों और सरकार के सहायता से ।
सरकार जनता को वैसे मोबाइल नंबर provide।करेगी जो सबके लिए आसान हो जैसे customer care के नंबर 121 या 198 सभी को पता है या एक और नया नंबर जारी करे जो सबको मालूम हो और ये हो सकता है  2020 चूँकि सभी को मालूम है कि कौन सा साल है । अब जैसे ही कोई भी लोग इस नंबर पर call करेगा तो पहले इसे mobile guide करेगा और यदि वह चाहता है कि उसकी बात medical expert से हो तो  मोबाइल उसके call को transfer कर देगा। यह by default नही होगा यह कॉलर के choice पर होगा।

    चलिए उदाहरण से समझते है । एक गरीब महिला  है जो कि गांव की रहने वाली है । उसने अपने एयरटेल सीम से  किसी एक नंबर पर कॉल की ।
Dailoge start ........

Mobile
यदि आप कोरोना क्या है,कैसे फैलता है , इससे कैसे बचें की जानकारी चाहते है तो 1 दबाए।
यदि आपको सन्देह है मुझे कोरोना तो नही हो गया। पुष्टि करना चाहते है तो 2 दबाए।
यदि आपको एयरटेल से संबंधित जानकारियां चाहते है तो 3 दबाये।
महिला .........
वो सिर्फ कोरोना के बारे में तथा अफवाहों से कैसे बचें के बारे में जानना चाहती है इसलिए उसने 1दबाया।
Mobile......
अब मोबाइल इसके सवालों की पूरी जानकारी एक research रूप में देगी जो पहले से ही  input होगा। ताकि इसका मन मे एक भी सवाल का जवाब अधूरा न रह जाय।

Condition ....2

मान  लो उस औरत के बच्चे को जुकाम है और वह डरी हुई है और यह पुष्टि करना चाहती है कि उसके बच्चे को कोरोना तो नही।
तो      वह 2 press की।

अब मोबाइल कुछ सवाल पूछेगा।
मोबाइल----- मरीज की उम्र क्या है ।जैसे यदि उम्र 5
साल है 5 अंक press करे। या 20 साल है तो 2 और 0 को press करे

महिला

चुकी बच्चा 4 साल का इसलिए महिला ने 4 अंक press किया।
 मोबाइल .... चूँकि बच्चा 4 साल का है इसलिए उसे घर से बाहर जाने के chances न के बराबर है । इसलिए यदि कोरोना हुआ होगा तो उसके किसी family member के द्वारा ही। तो मोबाइल का सवाल होगा।
क्या परिवार के किसी भी सदस्य को खाँसी,जुकाम,बुखार है।
यदि है तो 1press करे अन्यथा नही है तो 2 press करे।

महिला - नही 2  दबाया

Mobile ...….. confirmation  को solid करने के लिए   अगला सवाल
क्या आपके गाँव, मुहल्ला या 1Km के दयारे में कोई कोरोना का मरीज मिला हो?
यदि है तो 1 प्रेस करे अन्यथा 2 दबाएं।
 महिला- नही 2 press किया ।
 अब मोबाइल डॉक्टर confirm हो जाता है कि बच्चे को common cold है ना कि कोरोना ।
  Mobile result........  आपके बच्चे को कोरोना नही बल्कि आम सर्दी जुकाम है ।
  अंत मे मोबाइल  मेडिकल expert टीम से बात करने के लिए अंक 9 dial करने का सुझाव भी देगा ताकि उसकी संतुष्टि को और अधिक बल मिल सके और वह relax हो सके ।पर यह choice महिला का होगा कि वह बात करे या न करे ।

 Condition 3

यदि महिला सारे सवाल का जवाब 1 press कर हाँ में दे देती तो
Mobile answer....…. हाँ हो सकता है कि आप कोरोना से संक्रमित है । और मोबाइल call  को मेडिकल expert को ट्रांसफर करने के लिए 9 दबाने को कहता।
Note  - यहाँ पर मोबाइल कॉल को  by default टीम के पास transfer कर सकता था पर यह choice महिला के पास ही छोड़ा ।
  चुकी हो सकता है कि  महिला यह test कर रही हो कि आखिर यह सिस्टम काम कैसे करता है।
या हो सकता है कि गलती से सारे सवालों का जवाब  हाँ में दे दी जिसे वह सच मे नही देना चाहती थी।
या उस समय वो घबराई हुई हो और अभी बात नही करना चाहती हो ।
इसलिए वह कभी भी द्वारा call  कर सकती है।

  Note ----- मोबाइल के द्वारा पूछी जाने वाली सवाल  मरीज के उम्र के अनुसार होगा । यदि बच्चा 30 साल का होता तो सवाल भिन्न होते न कि पूछे गए सवाल के जैसा।










     


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