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What measures can be taken to protect oneself from corona?

1. It is very important that when you are talking to any person, put a mask, if you do not have a mask, then cover the mouth with a handkerchief, or other cloths. If you want to save from Corona, it is  necessary, very much  …… very much  ……… . necessary.



2. When you are talking, talk in a normal way. Try not to remain in your face front to front position. Do not talk by screaming too loudly, screaming.


3. Rinse with warm water. It may be that the corona particles that have gone into your mouth have still stick in the mucus near your throat. Have not gone inside By doing this you can come out of the mouth and you can avoid infection.



4. If you are infected with corona, then steam of hot water will not kill the corona, but there may be a slight reduction in swelling in your lungs.



5. For Plasmatherapy, take blood stage 2 critical patients and not stage 1 patients.

6. We should avoid the use of ac, especially one which uses AC for many people like in mall, restaurant, in homes where an ac is…

बांग्लादेश भी चीन का का पक्ष लेते हुए भारत के खिलाफ मोर्चा खोला

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बांग्लादेश चीन की पक्षदारी क्यों कर रहा है और ऐसे समय मे जब पड़ोसी देश चीन भारत के साथ युद्ध करने के लिए तुला है तब बंगलादेश को ऐसे विकट परिस्थिति में भारत के साथ देना चाहिए क्योंकि भारत ने भी 1971 के युद्ध मे बांग्लादेश के साथ दिया था। पर आज बांग्लादेश देश चीन के लालच के जाल में फँसकर भारत के खिलाफ हो गया है।  इसको जानने से पहले हम जान लेते हैं बांग्लादेश के भूगौलिक संरचना के बारे में । ताकि इस सवाल का जवाब को समझने में थोड़ा सहूलियत मिले।


बांग्लादेश भारत का पड़ोसी मुल्क है । बांग्लादेश वह मुल्क है जिसका सीमा भारत के साथ सबसे अधिक लगता है और भारत का बंगलादेश से सबसे अधिक । लगभग 4000 km। भारत ही वह मुल्क है जिसने बांग्लादेश को अस्तित्व में 1971 में लाया। इससे पहले यह बंगलादेश पाकिस्तान का हिस्सा था और इसे पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था। वह पश्चिमी पाकिस्तान से आजाद होने के लिए पुर जोर कोशिश में लगा था। पर सफलता हाथ न लग रही थी । अन्ततः भारत ने पश्चिमी पाकिस्तान से 1971 में भारत के प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के देखरेख में युद्ध लड़के इसे आजाद करवाया।
पर आज बंगलादेश बीत…

कौन से उपाय को अपनाकर कोरोना से अपने को बचाया जा सकता है ?

1. यह बहुत जरूरी है कि कोई भी  व्यक्ति से आप जब बात कर रहे है तो मास्क लगाए , मास्क नही है तो मुँह को रुमाल, या गमछी से ढके। यदि आपको कोरोना से बचाना है तो यह बहुत जरूरी नही  बहुत बहुत बहुत......बहुत बहुत बहुत बहुत ......... जरूरी है।

2. जब आप बात कर रहे है तो normal रूप में बात करे। यह कोशिश  करे कि आपके face front to front position में न रहे । ज्यादा जोर से चीख कर ,चिल्लाकर कर बात न करे।

3. गर्म पानी से कुल्ला करें चुकी हो सकता है कि जो कोरोना के कण आपके मुँह में गया है वह अभी तक  आपके throat के पास mucus में चिपका हो। अन्दर न गया हो। ऐसा करने से  मुँह से बाहर आ सकता है और आप infection से बच सकते है।

4. यदि आप कोरोना से संक्रमित है तो आप गर्म पानी का भाप ले इससे कोरोना तो नही मरेगा पर आपके lungs में हुए सूजन में थोड़ा कमी आ सकता है।

5. Plasmatherapy के लिए blood  stage 2 critical मरीजों का लें न कि stage 1 मरीज़ो का।

6. हमे ac के प्रयोग से बचना चाहिये खासकर उसे जो  AC का प्रयोग बहुत से लोगों के लिए करता है जैसे  mall में, restaurant में, घरों में जहां एक ac का प्रयोग  a group of peop…

Feature फ़ोन में बिना data के काम करेगा आरोग्य सेतु app

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भारत सरकार के द्वारा लॉन्च की गई आरोग्य सेतु app एक प्रसंशनीय कदम है जो हमे कोरोना वायरस के आँकड़े से update रखती है तथा हमारे द्वारा input की गई data के आधार पर हमारी security सुनिश्चित करती है । पर इस app से उन लोगों को फायदा होगा जिनके पास स्मार्टफोन हो और  data भी हो। साथ ही साथ पढ़ा लिखा भी हो। हमारे देश मे ऐसे करोड़ों लोग है जिसके पास स्मार्ट फ़ोन तो है पर उन्हें पढ़ना लिखना नही आता । कुछ पढे लिखे लोग भी इसे use करना नही चाहते  क्योंकि वे नही चाहते कि सरकार उन्हें ट्रैक करे । उनके गतिविधियों पर 24x7 घंटे नजर रखे। बाकी बचे  लोग जिनके पास स्मार्टफोन तो नही होते पर एक simple phone होते हैं चाहे वे जूता बनाने वाला मोची हो या किसी गाँव का गरीब किसान। ऐसे लोग पढ़े लिखे भी नही होते है। तो ऐसे लोगों को क्या आरोग्य सेतु app मदद कर पायेगा । जी नही।  सच कहें तो वैसे लोगों को ही कोरोना की सही जनकारी की अधिक जरूरत है कि कोरोना क्या है , कैसे फैलता है,कैसे बचें। इन समुदाय के लोगों में कोरोना के बारे में अफवाहों का  बाजार लगा  रहता है । चाहे वे  अशिक्षित  हो या गरीब,महिला हो या पुरुष । ऐसे लोगों को…

कोरोना के फैलाव में तापमान की भूमिका क्या भूमिकाएं हैं ?

दुनिया इस बात को मानकर चल रही है कि किसी भूक्षेत्र के तापमान बढ़ने से कोरोना के मरने के chances बढ़ जाती है और इस तरह से कोरोना के फैलाव पर break लग जायेगा। यह भी देखा गया है कि जिन देशों के वायुमंडलीय तापमान कम है वहाँ फैलाव ज्यादा हुआ है जैसे यूरोपियन राष्ट्र ठंडे मौसम से गुजर रहे है  तो वहाँ कोरोना की फैलाव तेजी से हुऐ है।जबकि हमारा देश india गर्मी की ओर बढ़ रहा है इसलिए कोरोना का फैलाव उतना नही हुआ है जितना ठंडे प्रान्तों वाले देशों में हुआ है।महजुदा आँकड़े से भी इसकी पुष्टि होती है।
         पर संदेह यहाँ पैदा होता है कि हमारा देश india का औसतन तापमान 30!? degree celcius या इससे अधिक है और मानव के शरीर के तापमान 37 डिग्री यानी अंतर 7 डिग्री का । अर्थात यदि तपमान बढ़ने से कोरोना मर रहा है तो हमारे शरीर के अंदर कोरोना को मरणा चाहिए था। तपमान को एक एंटीडोट का रोल अदा करके और हमारे immune system के साथ मिलकर एक मजबूती से कोरोना को मार भगाना चाहिए था।

 बढ़ती तपमान कोरोना को मारती है यह बात तब और अधिक संदेहात्मक हो जाती है जब हम ठंडे प्रान्तों वाले देश के आँकड़े पर नजर डालेंगे। वैसे यूरोपियन…

क्या कोरोना से भारत मे कम होंगे मौत के आँकड़े ?

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यदि भारत के स्वास्थ्य system सही से work करे और कोरोना संक्रमित लोगों को स्टेज 1 में ही detect कर लिया जाय तो हमारे देश मे मौत के आँकड़े ठंडे प्रदेशों के उपेक्षा कम हो सकती है। दुनिया के महानतम वैज्ञानिक charles darwin बताते है कि वैसे प्राणी जो वातावरण में हो रहे बदलाव और किसी बाहरी आक्रमण को झेलते रहते है उनका  survive करने के chances बढ़ जाते हैं। अर्थात आपका शरीर का प्रतिरोधक क्षमता कितना मजबूत हुआ है और मौजूदा परिवेश में रहने के लिए आप कितना fit कर चुके है यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने आपदाओं के सामना किये हैं।


   हमारा भारत देश अनेक ऋतुओं का देश है जैसे सर्दी, गर्मी, बरसात,बसन्त ।  हमारे देश मे एक सा समान मौसम नही रहता है । यहाँ गर्मियों के दिनों में अधिक गर्मी तो जाड़ो के दिनों में अधिक ठंड पड़ती है । एक विकासशील देश होने के कारण न ही हमारा स्वास्थ system उतना  develop है  ना ही service सेक्टर । हमारा तीन चौथाई  आबादी प्राकृतिक छत के नीचे काम करके अपनी रोजी रोटी कमाते है ।चाहे  मौसम शरीर को जला देने वाली हो या ठंड हड्डिया गला देने वाली ।बरसात हो या तूफान । हम लोग  लगे रह…

क्या कोरोना अधिक खतरनाक नहीं है ? कोरोना से डरने की जरूरत नही है ।

कितना खतरनाक है कोरोना?


दुनिया ने कोरोना को सबसे खतरनाक बीमारी की संज्ञा  दी है इसे मौत का सौदागर कहा जा रहा है । पर सच मे कोरोना  खतरनाक इसलिये नही है कि वह लोगों को मौत दे रहा है पर इसलिये वह खतरनाक है कि काफी तेजी से दुनिया मे फैल रहा है। यदि कोरोना मौत के सौदागर होता तो दुनिया की मौत दर  6-7  नही होता ।  यदि हम ठंडे भूक्षेत्र वाले developed  यूरोपियन देशों और अमेरिका को निकाल दे (( चूँकि वहां के लोगों के जीवन शैली पोल्ट्री मुर्गी की तरह होते हैं )) तो यह मौत दर 3 के आसपास चली जायेगी । यदि  कोरोना की  तुलना हम ebola वायरस की मौत दर से करते है तो   यह 20 से 25 गुना  कम है।  तो कैसे हम कोरोना को सबसे खतरनाक वायरस कह सकते  है। हाँ सबसे अधिक खतरनाक इस वजह से है कि इसके फैलने की दर record में आये आज तक कि सभी वायरस के तुलना में सबसे अधिक है।

     चलिए अब हम बात अपनीं भारत   के करते हैं हमारा देश की मृत्यु दर 3 - 3.5 के range में fluctuate करते रहता है ।  यदि हम realistic आँकड़े ले तो यह मृत्यु दर लगभग घटकर 1 - 2 हो जाएगा  क्योंकि बहुत से  ऐसे कोरोना संक्रमित लोग होंगे जिनका जांच भी नही ह…

क्या कोरोना सिर्फ खाँसने, छीकने नही बल्कि बोलने से भी फैल सकता है ?

सिर्फ खाँसी से नही बोलने से भी फैलता है कोरोना

आज कोरोना पूरी दुनिया मे अपना पैर तेजी  से पसारता जा रहा है ।दुनिया के ताजा आंकड़े इस वायरस की संक्रमण की गति क्या है इसकी गवाह है। इस वायरस की फैलने की वजह खाँसना या छिकना बताया जा रहा है। और दूसरी तरफ ये भी तर्क दे रहे है कि आधे से अधिक कोरोना के patient वैसे मिल रहे है जिनमे कोई खाँसने या क्षिकने के कोई लक्षण ही नही है। तो   क्या सिर्फ खाँसने या छीकने से यह वायरस की फैलने की गति क्या इतना तेज हो सकती है जितना बड़ी रफ्तार  से यह फैलता जा रहा है?
         इसकी फैलाव की वजह सिर्फ खाँसना या छिकना नही बल्कि बोलना भी है । हाँ यह सुनने में अजीब सा है क्योंकि न हम जानने की प्रयास की है और न ही दुनिया ने बताया है । पर  इस शोधपत्र को अंत तक पढ़ने के बाद आप भी आस्वस्त हो जाएंगे कि बोलना भी एक वजह हो सकती है।

 इस बात की पुष्टि करने से पहले हम यह जान लेते है कि किसी बाहरी unwanted सूक्ष्मजीव के हमले से हमारा शरीर कैसे काम करता है?
 पहले आपको बता दु की हमारे शरीर मे भी डॉक्टर, अस्पताल, लैब होते है पर ये हमारे जैसे मानव निर्मित नही बल्कि प्राकृत…

सिर्फ खाँसी से नही बोलने से भी फैलता है कोरोना

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Research work done by pwn kr, a railway staff          
            बोलने से भी फैल सकता है कोरोना
आज कोरोना पूरी दुनिया मे अपना पैर तेजी  से पसारता जा रहा है ।दुनिया के ताजा आंकड़े इस वायरस की संक्रमण की गति क्या है इसकी गवाह है। इस वायरस की फैलने की वजह खाँसना या छिकना बताया जा रहा है। और दूसरी तरफ ये भी तर्क दे रहे है कि आधे से अधिक कोरोना के patient वैसे मिल रहे है जिनमे कोई खाँसने या क्षिकने के कोई लक्षण ही नही है। तो   क्या सिर्फ खाँसने या छीकने से यह वायरस की फैलने की गति क्या इतना तेज हो सकती है जितना बड़ी रफ्तार से यह फैलता जा रहा है?           इसकी फैलाव की वजह सिर्फ खाँसना या छिकना नही बल्कि बोलना भी है । हाँ यह सुनने में अजीब सा है क्योंकि न हम जानने की प्रयास की है और न ही दुनिया ने बताया है । पर  इस शोधपत्र को अंत तक पढ़ने के बाद आप भी आस्वस्त हो जाएंगे कि बोलना भी एक वजह हो सकती है। 
 इस बात की पुष्टि करने से पहले हम यह जान लेते है कि किसी बाहरी unwanted सूक्ष्मजीव के हमले से हमारा शरीर कैसे काम करता है?  पहले आपको बता दु की हमारे शरीर मे भी डॉक्टर, अस्पताल, लैब होते है पर य…